मणिपुर हिंसा में कुछ अलगाववादी ताकतें शामिल : भागवत

नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में विशाल रेशिमबाग मैदान में वार्षिक विजयदशमी समारोह को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने मणिपुर संकट पर कहा कि हिंसा में कुछ अलगाववादी ताकतें शामिल है। कुकी मैतेई दोनों समूह वर्षों से वहां शांतिपूर्वक रह रहे थे, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में परेशानी पैदा हो गई। भागवत ने भारत में प्रतिष्ठित जी20 शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी करने और भागीदार देशों को भारतीय आतिथ्य प्रदान करने के लिए सभी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “भारत में मेहमानों ने भारतीय परंपराओं और संस्कृति का आनंद लिया और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।” आरएसएस प्रमुख ने कहा कि यह वास्तव में एक उपलब्धि है कि भारत में अपने सत्र के दौरान जी20 ने अफ्रीकी संघ का गर्मजोशी से स्वागत किया। विज्ञान, कृषि और रक्षा क्षेत्र में भारत की सर्वांगीण प्रगति का प्रदर्शन किया गया।

पहली बार खेलों का जिक्र करते हुए आरएसएस प्रमुख ने उन एथलीटों की सराहना की, जिन्होंने हाल ही में चीन में आयोजित एशियाई खेलों में देश को गौरवान्वित किया। वह 18 स्वर्ण, 28 रजत और 47 कांस्य पदकों की कुल संख्या 107 का उल्लेख करना नहीं भूले। भागवत ने डिजिटल इंडिया, कृषि और रक्षा क्षेत्र में प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था हाल में 10वें स्थान से शीर्ष पांच में पहुंच गई है। लेकिन आरएसएस प्रमुख ने अगले साल की शुरुआत में अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का उल्लेख नहीं किया।

मुख्य अतिथि के तौर पर शंकर महादेवन ने सरस्वती वंदना के साथ रैली को संबोधित किया। उन्होंने संघ के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित संगीतकार ने कहा, ‘मैं इसपर क्या कहूं? मैं आपको सलाम करता हूं। अखंड भारत की हमारी विचारधारा, परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए आरएसएस का योगदान अधिक है।

महादेवन ने बताया कि जब उन्हें संघ के विजयदशमी उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने का निमंत्रण मिला तब कई लोगों ने उन्हें इस पर बधाई भी दी। उन्होंने कहा, ‘मैं भाग्यशाली हूं। निमंत्रण व्यक्तिगत था, जिसे बहुत ही गर्मजोशी से दिया गया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं केवल उस काम के लिए आपका आशीर्वाद मांग सकता हूं जो आरएसएस परिवार के सदस्यों ने देश के लिए किया है और करेंगे। 

आरएसएस द्वारा आयोजित दशहरा कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल होने पहुंचे। दोनों ही नेता आरएसएस के पोशाक में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विजयदशमी उत्सव कार्यक्रम में संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।