जयपुर। राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत लगे करीब 5000 युवाओं की सेवाएं नई सरकार ने समाप्त कर दी है। इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आलोचना करते हुए कहा कि ये युवा सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करने और सरकार की काफी मदद कर रहे हैं। नई सरकार का यह फैसला उचित नहीं है। इसको लेकर युवाओं में भी गुस्सा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई सरकार पर निशान साधते हुए ट्वीट किया कि नई सरकार को इस योजना के नाम से परेशानी थी तो राजीव गांधी सेवा केन्द्रों की भांति नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कर सकती थी। प्रदेशवासी जानते हैं कि पिछले कार्यकाल में भाजपा सरकार द्वारा अस्थायी तौर पर लगाए गए पंचायत सहायकों को हमारी सरकार ने स्थायी कर उनका वेतन बढ़ाया था। ऐसी ही सकारात्मक सोच से नई सरकार को भी राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम को जारी रखना चाहिए।
उधर, गहलोत के ट्वीट के जवाब में कई युवा उनका समर्थन कर रहे हैं जबकि भाजपा समर्थक लोग गहलोत के ट्वीट की आलोचना भी कर रहे हैं।

#Priyanka नाम के ट्विटर हैंडल पर लिखा है-राजीव गांधी युवा मित्र कार्यक्रम समाप्त..नए साल का तोहफ़ा, भाजपा सरकार की और से..निकाल तो ऐसे रहे हैं जैसे प्रदेश में रोज़गार तो भरे पड़े हैं… गहलोत जी जैसा जननायक राजस्थान को दूसरा नहीं मिलने वाला…।
#Rishi Choudhary ने एक्स पर लिखा है-अभी रुझान आने शुरू हुए हैं। राजस्थानवासियों को उनकी गलती का एहसास अभी से होने लगा है। गलती से आंदोलन मत करना वरना बाकि राज्यों की तरह ऐसे केस लगाएंगे कि नौकरी तो दूर की बात है जिंदगी बचाना मुश्किल हो जायेगा। भाजपा का बुलडोजर सिर्फ अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही चलता है।
#Santu Mehra (सीकर) ने एक्स पर लिखा है-नई सरकार ने हमारा रोजगार छीन लिया हमारा काम केवल सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का था। हम कौनसी पार्टी के थे हम तो केवल सरकार का काम कर रहे थे। #विनीता जैन ने एक्स पर लिखा-रोजगार देने का वादा करके बेरोजगार दिया।
#Arvind Chotia ने एक्स पर लिखा है-राजीव गांधी युवा मित्रों को स्थाई करके जाना चाहिए था। जब आप अस्थाई रखेंगे तो कोई भी हटा ही देगा ना। स्थाई नौकरी देना आपके हाथ में था। अब सहानुभूति जताने से क्या फायदा होने वाला है?