अपने-अपने राम कार्यक्रम का समापन, सोच और व्यवहार से सुंदर होता है व्यक्ति : कुमार विश्वास

जयपुर। महिलाओं और बेटियों को ये जानना चाहिए कि सुंदरता उनके व्यवहार-सोच में है न कि आभूषणों में। दुष्यंत ने शकुंतला को पहली बार देखा तो कवि मित्र से पूछा कि हीरे-मोती पहनने वाली मेरी रानियां इतनी सुंदर नहीं है फिर यह वृक्ष की छाल पहने लडकी इतनी सुंदर क्यों है ? इस पर मित्र ने कहा कि सुंदर आकृतियों को आभूषण धारण करने की जरूरत नहीं होती। विद्याधर नगर स्टेडियम आयोजन समिति की ओर से स्टेडियम में आयोजित अपने-अपने राम कार्यक्रम के अंतिम सत्र में देश के प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने उक्त उद्गार व्यक्त किए। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत कलाकार आकाश ने भजन गाकर की।

सकारात्मक विचार दुनिया बदल देता है : आलोक अग्रवाल
कार्यक्रम के आयोजनकर्ता आलोक अग्रवाल ने बताया कि सत्संग दुर्भाग्य की रेखाओं को सौभाग्य में बदल देता है। जहां भक्त प्रभु का गुणगान करते हैं, वहीं प्रभु का निवास होता है। दुनिया में सबसे बड़ी शक्ति विचार की है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक विचार दुनिया बदल देता है। नकारात्मक विचार सब कुछ तबाह कर देता है। सभी को सकारात्मक सोच के साथ कार्य करना चाहिए। सकारात्मक सोच का व्यक्ति हर क्षेत्र में सफल होता है। उन्होंने कहा कि सब के सहयोग से ही विद्याधर नगर स्टेडियम में ऐतिहासिक अपने-अपने राम कार्यक्रम का आयोजन हो सका।